Sunday, August 31, 2014

Today is a PRESENT

मेरे एक मित्र ने अपनी बीवी की अलमारी खोली और एक सुनहरे कलर का पेकेट निकाला। "ये" उसने कहा कि कोई साधारण पेकैट नहीं है।
उसने पेकेट खोला और उसमें रखी बेहद खूबसूरत सिल्क की साड़ी और उसके साथ की ज्युलरी को एकटक देखने लगा।
ये हमने लिया था 8-9 साल पहले, जब हम पहली बार न्युयार्क गए थे। परन्तु उसने ये कभी पहनी नहीं क्योंकि वह इसे किसी खास मौके पर पहनना चाहती थी और इसलिए इसे बचा कर रखा था।
उसने उस पेकेट को भी दुसरे और कपड़ों के साथ अपनी बीवी की अर्थी के पास रख दिया, उसकी बीवी की मृत्यु अभी अचानक ही हुई थी।

उसने रोते हुए मेरी और देखा और कहा-
किसी भी खास मौके के लिए कभी भी कुछ भी मत बचा के रखना। जिंदगी का हर एक दिन खास मौका है, कल का कुछ भरोसा नहीं है।
मुझे लगता है उसकी उन बातों ने मेरी जिंदगी बदल दी।
मित्रों अब मैं किसी बात की ज्यादा चिंता नहीं करता।
अब मैं अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताता हुँ, और काम का कम टेंशन लेता हूँ।
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मुझे अब समझ में आ चुका है कि जिंदगी जिंदादिली से जीने का नाम है, डर-डर के रूक-रूक के बहुत ज्यादा विचार करके चलने में समय आगे निकल जाता है और हम पिछड़ जाते हैं।
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अब मैं कुछ भी बहुत बहुत संभाल संभाल के नहीं रखता, हर एक चीज़ का बिंदास उपयोग करता हूँ।
अब मैं घर के शोकेस मैं रखी मँहगी क्राकरी का हर दिन उपयोग करता हुँ।
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अगर मुझे पास के सुपर मार्केट में या नज़दीकी माॅल में मुव्ही देखने नए कपड़े पहन के जाने का मन है तो मैं जाता हूँ।
अपने कीमती खास परफ्यूम को विशेष मौकों के लिए संभाल कर बचा के नहीं रखता। मैं उन्हें जब मर्जी आए तब उपयोग करता हुँ।

"एक दिन" "किसी दिन" जैसे शब्द अब मेरी डिक्शनरी से गुम होते जा रहे हैं।
अगर कुछ देखने, सुनने या करने लायक है तो मुझे उसे अभी देखना, सुनना या करना होता है।

मुझे नहीं पता मेरे दोस्त की बीवी क्या करती, अगर उसे पता होता कि वह अगली सुबह नहीं देख पाएगी
शायद वह अपने नज़दीकी रिश्तेदारों और खास दोस्तों को बुलाती। शायद वह अपने पुराने रूठे हुए दोस्तों से दोस्ती और शांति की बातें करती।
मेरे ख्याल से शायद वह अपने पसंदीदा खाना पानी पताशे और अमेरिकन चाप्सी का आरेंज ब्रीजर के पेग लगाते लगाते हुए लुत्फ उठाती।

अगर मुझे पता चले कि मेरा अंतिम समय आ गया है तो क्या मैं ये इतनी छोटी छोटी चीजों को भी नहीं कर पाने के लिए अफसोस करूँगा।
नहीं...इन सब इच्छाओं को तो आज ही आराम से पुरा कर ही सकता ह
हर दिन, हर घंटा, हर मिनट, हर पल विशेष है, खास है...बहुत खास है।
प्यारें दोस्तों जिंदगी का लुत्फ उठाइए, आज मैं जिंदगी बसर कीजिये। क्या पता कल हो न हो, वैसे भी कहते हैं न कल तो कभी आता ही नहीं।

Friday, August 29, 2014

What's in the Name

आपके नाम का पहला अक्षर बताएगा की आपका व्यक्तित्व कैसा है
A
A- अक्षर से नाम वाले लोग काफी मेहनती और धैर्य वाले होते हैं। इन्हें अट्रैक्टिव दिखना और अट्रैक्टिव दिखने वाले लोग ज्यादा पसंद होते हैं। ये खुद को किसी भी परिस्थिति में ढाल लेने की गजब की क्षमता रखते हैं। इन्हें वैसी चीज ही भाती है, जो भीड़ से अलग दिखता हो।A- अध्ययन या करियर की बात करें तो किसी भी काम को अंजाम देने के लिए चाहे जो करना पड़े ये करते हैं, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ये कभी हारकर बैठते नहीं। A- ए से नाम वाले लोग रोमांस के मामले में जरा पीछे रहना ही पसंद करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे प्यार और अपने करीबी रिश्तों को अहमियत नहीं देते। बस, इन्हें इन चीजों का इजहार करना अच्छा नहीं लगता।A- चाहे बात रिश्तों की हो या फिर काम की, इनका विचार बिल्कुल खुला होता है। सच और कड़वी बात भी इन्हें खुलकर कह दी जाए तो ये मान लेते हैं, लेकिन इशारों में या घुमाकर कुछ कहना-सुनना इन्हें पसंद नहीं।A- ए से नाम वाले लोग हिम्मती भी काफी होते हैं, लेकिन यदि इनमें मौजूद कमियों की बात करें तो इन्हें बात-बात पर गुस्सा भी आ जाता है।
B
B- जिनका नाम बी अक्षर से शुरू होता है वे अपनी जिंदगी में नए-नए रास्ते तलाशने में यकीन रखते हैं। अपने लिए कोई एक रास्ता चुनकर उसपर आगे बढ़ना इन्हें अच्छा नहीं लगता। B- बी अक्षर वाले लोग ज़रा संकोची स्वभाव के होते हैं। काफी सेंसिटिव नेचर के होते हैं ये। जल्दी अपने मित्रों से भी नहीं घुलते-मिलते। इनकी लाइफ में कई राज होते हैं, जो इनके करीबी को भी नहीं पता होता। ये ज्यादा दोस्त नहीं बनाते, लेकिन जिन्हें बनाते हैं उनके साथ सच्चे होते हैं।B- रोमांस के मामले में ये थोड़े खुले होते हैं। प्यार का इजहार ये कर लेते हैं। प्यार को लेकर ये धोखा भी खूब खाते हैं। इन्हें खुद पर कंट्रोल रखना आता है। खूबसूरत चीजों के ये दीवाने होते हैं।
C
c- सी नाम के लोगों को हर क्षेत्र में खूब सफलता मिलती है। एक तो इनका चेहरा-मोहरा भी काफी आकर्षक होता है और दूसरा कि काम के मामले में भी लक इनके साथ हमेशा रहता है। इन्हें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। अच्छी सूरत तो भगवान देते ही हैं इन्हें, अच्छे दिखने में ये खुद भी कभी कोई कसर नहीं छोड़ते।C- सी नाम वाले दूसरों के दुख-दर्द के साथ-साथ चलते हैं। खुशी में ये शरीक हों या न हों, लेकिन किसी के ग़म में आगे बढ़कर ये उनकी मदद करते हैं।C- सी नाम वालों के लिए प्यार के महत्व की बात करें तो ये जिन्हें पसंद करते हैं उनके बेहद करीब हो जाते हैं। यदि इन्हें अपने हिसाब के कोई न मिले तो मस्त होकर अकेले भी रह लेते हैं। वैसे स्वभाव से ये काफी इमोशनल होते हैं।
D
D- डी नाम वाले लोगों को हर मामले में अपार सफलता हाथ लगती है। कभी भाग्य साथ न भी दे तो उन्हें विचलित नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनकी जिंदगी में आगे चलकर सारी खुशियां लिखी होती हैं। लोगों की बात पर ध्यान न देकर अपने मन की करना ही इन्हें भाता है। जो ठान लेते हैं ये, उसे कहके ही मानते हैं। इन्हें सुंदर या आकर्षक दिखने के लिए बनने-संवरने की जरूरत नहीं होती। ये लोग बॉर्न स्मार्ट होते हैं। D- किसी की मदद करने में ये कभी पीछे नहीं रहते। यहां तक ये भी नहीं देखते कि जिनकी मदद के लिए उन्होंने अपना हाथ आगे बढ़ाया है वह उनके दुश्मन की लिस्ट में हैं या दोस्त की लिस्ट में।D- डी नाम के लोग प्यार को लेकर काफी जिद्दी होते हैं। जो इन्हें पसंद हो, उन्हें पाने के लिए या फिर उनसे रिश्ता निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। रिश्तों के मामले में इनपर अविश्वास करना बेवकूफी होगी।
E
E- ई या इ से नाम वाले मुंहफट किस्म के होते हैं। हंसी-मजाक की जिंदगी जीना इन्हें पसंद है। इन्हें अपने इच्छा अनुरूप सारी चीजें मिल जाती हैं। जो इन्हें टोका टाकी करे, उनसे किनारा भी तुरंत हो लेते हैं।E- ई या इ नाम वाले लोग जिंदगी को बेतरतीव जीना पसंद नहीं करते। इन्हें सारी चीजें सलीके और सुव्यवस्थित रखना ही पसंद है। E- ई या इ से नाम वाले लोग प्यार को लेकर उतने संजीदा नहीं रहते, इसलिए इनसे रिश्ते पीछे छूटने का किस्सा लगा ही रहता है। शुरुआत में ये दिलफेंक आशिक की तरह व्यवहार करते हैं, क्योंकि इनका दिल कब किसपर आ जाए कह नहीं सकते। लेकिन एक सच यह भी है कि जिन्हें ये फाइनली दिल में बिठा लेते हैं उनके प्रति पूरी तरह से सच्चे हो जाते हैं।
F
F नाम वाले लोग काफी जिम्मेदार किस्म के होते हैं। हां, इन्हें अकेले रहना काफी भाता है। ये स्वभाव से काफी भावुक होते हैं। हर चीज को लेकर ये बेहद कॉन्फिडेंट होते हैं। सोच-समझकर ही खर्च करना चाहते हैं ये। जीवन में हर चीज इनका काफी बैलेंस्ड होता है।
F से शुरू होने वाले नाम के लोगों के लिए प्यार की काफी अहमियत होती है। ये खुद भी सेक्सी और आकर्षक होते हैं और ऐसे लोगों को पसंद भी करते हैं। रोमांस तो समझिए कूट-कूटकर इनमें भरा होता है।
G
G से शुरू होनेवाले नाम वाले लोग दूसरों की मदद के लिए हमेशा ही खड़े होते हैं। ये खुद को हर परिस्थितियों में ढाल लेते हैं। ये चीजों को गोलमोल करके पेश करना पसंद नहीं करते, क्योंकि इनका दिल बिल्कुल साफ होता है। अपने किए से जल्द सबक लेते हैं और फूंत-फूंककर कदम आगे बढ़ाते हैं ये।G से नाम वाले प्यार को लेकर ईमानदार होते हैं। प्यार के मामले में ये समझदारी और धैर्य से काम लेते हैं। कमिटमेंट से पहले किसी पर बेवजह खर्च करना इनके लिए बेकार का काम है।
H
.........
H से नाम वाले लोगों के लिए पैसे काफी मायने रखते हैं। ये काफी हंसमुख स्वभाव के होते हैं और अपने आसपास का माहौल भी एकदम हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं। ये लोग दिल के सच्चे होते हैं। काफी रॉयल नेचर के होते हैं और मस्त मौला होकर जीवन गुजारना पसंद करते हैं। झटपट निर्णय लेना इनकी काबिलियत है और दूसरों की मदद के लिए आधी रात को भी ये तैयार होते हैं।प्यार का इजहार करना इन्हें नहीं आता, लेकिन जब ये प्यार में पड़ते हैं तो जी जीन से प्यार करते हैं। उनके लिए कुछ भी कर गुजरते हैं ये। इन्हें अपने मान-सम्मान की भी खबह चिंता होती है।
I
I से शुरू होने वाले नाम के लोग कलाकार किस्म के होते हैं। न चाहते हुए भी ये लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने रहते हैं। हालांकि मौका पड़े तो इन्हें अपनी बात पलटने में पल भर भी नहीं लगता और इसके लिए वे यह नहीं देखते कि सही का साथ दे रहे हैं या फिर गलत का। इनके हाथ तो काफी कुछ लगता है, लेकिन उन चीजों के हाथ से फिसलने में भी देर नहीं लगती। I से नाम वाले लोग प्यार के भूखे होते हैं। आपको वैसे लोग अपनी ओर खींच पाते हैं जो हर काम को काफी सोच-विचार के बाद ही करते हैं। स्वभाव से संवेदनशील और दिखने में बेहद सेक्सी होते हैं।
J
J से नाम वाले लोगों की बात करें तो ये स्वभाव से काफी चंचल होते हैं। लोग इनसे काफी चिढ़ते हैं, क्योंकि इनमें अच्छे गुणों के साथ-साथ खूबसूरती का भी सामंजस्य होता है। जो करने की ठान लेते हैं, उसे करके ही मानते हैं ये। पढ़ने-लिखने में थोड़ा पीछे ही रहते हैं, लेकिन जिम्मेदारी की बात करें तो सबसे आगे खड़े रहेंगे ये। j से नाम वाले लोगों के चाहने वाले कई होते हैं। हमसफर के रूप में ये जिन्हें मिल जाएं समझिए खुशनसीब हैं वह। जीवन के हर मोड़ पर ये साथ निभानेवाले होते हैं।
K
K से नाम वाले लोगों को हर चीज में परफेक्शन चाहिए। चाहे बेडशीट के बिछाने का तरीका हो या फिर ऑफिस की फाइलें, सारी चीजें इन्हें सेट चाहिए। दूसरों से हटकर चलना बेहद भाता है इन्हें। ये अपने बारे में पहले सोचते हैं। पैसे कमाने के मामले में भी ये काफी आगे चलते हैं।स्वभाव से ये रोमांटिक होते हैं। अपने प्यार का इजहार खुलकर करना इन्हें खूब आता है। इन्हें स्मार्ट और समझदार साथी चाहिए और जबतक ऐसा कोई न मिले तब तक किसी एक पर टिकते नहीं ये।
L
L से शुरू होने वाले नाम के लोग काफी चार्मिंग होते हैं। इन्हें बहुत ज्य़ादा पाने की तमन्ना नहीं होती, बल्कि छोटी-मोटी खुशियों से ये खुश रहते हैं। पैसों को लेकर समस्या बनती है, लेकिन किसी न किसी रास्ते इन्हें हल भी मिल जाता है। लोगों के साथ प्यार से पेश आते हैं ये। कल्पनाओं में जीते हैं और फैमिली को अहम हिस्सा मानकर चलते हैं ये।प्यार की बात करें तो इनके लिए इस शब्द के मायने ही सबकुछ हैं। बेहद ही रोमांटिक होते हैं ये। वैसे सच तो यह है कि अपनी काल्पनिक दुनिया का जिक्र ये अपने हमसफर तक से करना नहीं चाहते। प्यार के मामले में भी ये आदर्शवादी किस्म के होते हैं।
M
M नाम से शुरू होनेवाले लोग बातों को मन में दबाने वाली प्रवृत्ति के होते हैं। कहते हैं ऐसा नेचर कभी-कभी दूसरों के लिए खतरनाक भी साबित हो जाता है। चाहे बात कड़वी हो, यदि खुलकर कोई कह दे तो बात वहीं खत्म हो जाती है, लेकिन बातों को मन रखकर उस चलने से नतीजा अच्छा नहीं रहता। ऐसे लोगों से उचित दूरी बनाए रखना बेहतर है। इनका जिद्दी स्वभाव कभी-कभार इन्हें खुद परेशानी में डाल देता है। वैसे अपनी फैमिली को ये बेहद प्यार करते हैं। खर्च करने से पहले ज्यादा सोच-विचार नहीं करते। सबसे बेहतर की ओर ये ज्यादा आकर्षित होते हैं।प्यार की बात करें तो ये संवेदनशील होते हैं और जिस रिश्ते में पड़ते हैं उसमें डूबते चले जाते हैं और इन्हें ऐसा ही साथी भी चाहिए जो इनसे जी जीन से प्यार करे।
N
N से शुरू होनेवाले नाम के लोग खुले विचारों के होते हैं। ये कब क्या करेंगे इसके बारे में ये खुद भी नहीं जानते। बेहद महत्वाकांक्षी होते हैं। काम के मामले में परफेक्शन की चाहत इनमें होती है। आपके व्यक्तित्व में ऐसा आकर्षण होता है, जो सामने वालों को खींच लाता है। ये दूसरों से पंगे लेने में ज्यादा देर नहीं लगाते। इन्हें आधारभूत चीजों की कभी कोई कमी नहीं रहती और आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न होते हैं ये।कभी-कभार फ्लर्ट चलता है, लेकिन प्यार में वफादारी करना इन्हें आता है। स्वभाव से रोमांटिक और रिश्तों को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं ये।
O
O अक्षर से नाम के लोगों के स्वभाव की बात करें तो बता दें कि इनका दिमाग काफी तेज दौड़ता है। ये बोलते कम हैं और करते ज्यादा हैं, शायद यही वजह है कि ये जल्दी ही उन हर ऊंचाइयों को छू लेते हैं जिनका ख्वाब ये देखा करते हैं। इन सबके बावजूद समाज के साथ चलना इन्हें पसंद है। जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं।प्यार की बात करें तो ये ईमानदार किस्म के होते हैं। साथी को धोखा देना इन्हें पसंद नहीं और ऐसा ही उनसे भी अपेक्षा रखते हैं। जिससे कमिटमेंट हो गया, बस पूरी जिंदगी उसपर न्योछावर करने को तैयार रहते हैं ये।
P
P से शुरू होनेवाले नाम के लोग उलझनों में फंसे रहते हैं। वैसे, ये चाहते कुछ हैं और होता कुछ अलग ही है। काम को परफेक्शन के साथ करते हैं। इनके काम में सफाई और खरापन साफ झलकती है। खुले विचार के होते हैं ये। अपने आसपास के सभी लोगों का ख्याल रखते हैं और सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। हां, कभी-कभार अपने विचारों के घोड़े सबपर दौड़ाने की इनकी कोशिश इन्हें नुकसान भी पहुंचाती है।प्यार की बात करें तो सबसे पहले ये अपनी छवि से प्यार करते हैं। इन्हें खूबसूरत साथी खूब भाता है। कभी-कभार अपने साथी से ही दुश्मनी भी पाल लेते हैं, लेकिन चाहे लड़ते-झगड़ते सही साथ उनका कभी नहीं छोड़ते।
Q
Q से नाम वाले लोगों को जीवन में ज्यादा कुछ पाने की इच्छा नहीं होती, लेकिन नसीब इन्हें देता सब है। ये स्वभाव से सच्चे और ईमानदार होते हैं। नेचर से काफी क्रिएटिव होते हैं। अपनी ही दुनिया में खोए रहना इन्हें अच्छा लगता है।प्यार की बात करें तो ये अपने साथी के साथ नहीं चल पाते। कभी विचारों में तो कभी काम में असमानता इन्हें झेलना ही पड़ता है। वैसे, आपके प्रति आकर्षण आसानी से हो जाता है।
R
R से नाम वाले लोग ज्यादा सोशल लाइफ जीना पसंद नहीं करते। हालांकि, फैमिली इनके लिए मायने रखती है और पढ़ना-लिखना इन्हें नहीं भाता। जो भीड़ करे, उसे करने में इन्हें मजा नहीं आता। ये तो वह काम करना चाहते हैं, जिसे कोई नहीं कर सकता। R से नाम वाले लोग काफी तेजी से आगे बढ़ते हैं और धन-दौलत की कोई कमी नहीं रहती।अपने से ऊपर सोच-समझ और बुद्धि वाले लोग इन्हें आकर्षित करते हैं। दिखने में खूबसूरत और कोई ऐसा जिसपर आपको गर्व हो उनकी ओर आप खिंचे चले जाते हैं। वैसे वैवाहिक जीवन में उठा-पटक लगा ही रहता है।
S
S से नाम वाले लोग काफी मेहनती होते हैं। ये बातों के इतने धनी होते हैं कि सामने वाला इनकी ओर आकर्षित हो ही जाता है। दिमाग से तेज और सोच-विचार कर काम करते हैं ये। इन्हें अपनी चीजें शेयर करना पसंद नहीं। ये दिल से बुरे नहीं होते, लेकिन उनके बातचीत का अंदाज़ इन्हें लोगों के सामने बुरा बना देती है। प्यार के मामले में ये शर्मीले होते हैं। आप सोचते बहुत हैं, लेकिन प्यार के लिए कोई पहल करना नहीं आता। प्यार के मामले में ये सबसे ज्यादा गंभीर होते हैं।
T
T से शुरू होनेवाले नाम के लोग खर्च के मामले में एकदम खुले हाथ वाले होते हैं। चार्मिंग दिखने वाले ये लोग खुशमिजाज भी खूब रहते हैं। मेहनत करना इन्हें उतना अच्छा नहीं लगता, लेकिन पैसों की कभी कमी नहीं होती इन्हें। अपने दिल की बात किसी से जल्दी शेयर नहीं करते ये।प्यार की बात करें तो रिश्तों को लेकर काफी रोमांटिक होते हैं। लेकिन बातों को गुप्त रखने की आदत भी इनमें होती है।
U
U से शुरू होनेवाले नाम के लोग कोशिश तो बहुत-कुछ करने की करते हैं, लेकिन इनका काम बिगड़ते भी देर नहीं लगती। किसी का दिल कैसे जीतना है, वह इनसे सीखना चाहिए। दूसरों के लिए किसी भी तरह ये वक्त निकाल ही लेते हैं। ये बेहद होशियार किस्म के होते हैं। तरक्की के मार्ग आगे बढ़ने पर ये पीछे मुड़कर नहीं देखते।आप चाहते हैं कि आपका साथी हमेशी भीड़ में अलग नज़र आए। वह साथ न भी हो तो आप हर वक्त उन्ही के ख्यालों में डूबे रहना पसंद करते हैं। अपनी खुशी से पहले साथी की खुशियों का ध्यान रखते हैं ये।
V
V से शुरू वाले नाम के व्यक्ति स्वभाव से थोड़े ढीले होते हैं। इन्हें जो मन को भाता है वही काम करते हैं। दिल के साफ होते हैं, लेकिन अपनी बातें किसी से शेयर करना इन्हें अच्छा भी नहीं लगता। बंदिशों में रखकर इनसे आप कुछ नहीं करा सकते।बात प्यार की करें तो ये ये अपने प्यार का इजहार कभी नहीं करते। जिन बातों का कोई अर्थ नहीं या यूं कहिए कि हंसी-ठहाके में कही गई बातों से भी आप काफी गहरी बातें निकाल ही लेते हैं। कभी-कभीर ये बाते आपके लिए ही मुसीबत खड़ी कर देती हैं।
W
W से शुरू होनेवाले नाम के लोग संकुचित दिल के होते हैं। एक ही ढर्रे पर चलते हुए ये बोर भी नहीं होते। ईगो वाली भावना तो इनमें कूट-कूटकर भरी होती है। ये जहां रहते हैं वहीं अपनी सुनाने लग जाते हैं, जिससे सामने वाला इंसान इनसे दूर भागने लगता है। हालांकि, हर मामले में सफलता इनकी मुट्ठी तक पहुंच ही जाती है।प्यार की बात करें तो ये न न करते हुए ही आगे बढ़ते हैं। हालांकि, इन्हें ज्यादा दिखावा पसंद नहीं और अपने साथी को उसी रूप में स्वीकार करते हैं जैसा वह वास्तव में है।
X
X से नाम वाले लोग जरा अलग स्वभाव के होते हैं। ये हर मामले में परफेक्ट होते हैं, लेकिन न चाहते हुए भी गुस्से के शिकार हो ही जाते हैं ये। इन्हें काम को स्लो करना पसंद नहीं, फटाफट निपटाने में ही यकीन रखते हैं ये। बहुत जल्दी चीजों से बोरियत हो जाती है इन्हें। ये क्या करने वाले हैं इस बात का पता इन्हें खुद भी नहीं होता।प्यार के मामले में फ्लर्ट करना इन्हें ज्यादा पसंद है। कई रिश्तों को एकसाथ लेकर आगे चलने की हिम्मत इनमें होती है।
Y
Y से शुरू होनेवाले नाम के लोगों से कभी भी सलाह लें, आपकी सही रास्ता दिखाएंगे वह। खर्च के लिए कभी सोचते नहीं, बस खाना अच्छा मिले तो हमेशा खुश रहेंगे। अच्छी पर्सनैलिटी के बादशाह होते हैं। लोगों को दूर से ही पढ़ लेते हैं ये। इन्हें ज्यादा बातचीत करना पसंद नहीं। धन-दौलत नसीब तो होती है, लेकिन इन्हें पाने में वक्त लग जाता है।
बात प्यार की करें तो इन्हें अपने साथी की कोई बात याद नहीं रहती। हालांकि सच्चे, खुले दिल और रोमांटिक नेचर के होने के कारण इनकी हर गलती माफ भी हो जाती है।
Z
Z से नाम वाले लोग दूसरों से काफी जल्दी घुल-मिल जाते हैं। गंभीरता इनके स्वभाव में है, लेकिन बड़े ही कूल अंदाज में ये सारे काम करते हैं। जो बोलते हैं साफ बोलते हैं और जिंदगी को इंजॉय करना इन्हें आता है। न मिलने वाली चीजों पर रोने की बजाय उसे छोड़कर आगे बढ़ना इन्हें पसंद है। इन्हें दिखावा नहीं पसंद। इनकी सादगी को देख इन्हें बेवकूफ समझना बहुत बड़ी बेवकूफी होगी। स्वभाव से ये रोमांटिक होते हैं। आपकी ओर कोई भी बड़ी आसानी से अट्रैक्ट हो जाता है। अपने प्यार के सामने आप किसी को अहमियत नहीं देते।


Wednesday, August 27, 2014

Your Blood Group

Fantastic information.
Your Blood group also speaks about you.
🅰(+) : Good leadership.
🅰(-) : Hardworking.
🅱(+) : Can Sacrifice for others and very ambitious, tolerance.
🅱(-) : Non flexible, Selfish & Sadistic.
🅾(+) : Born to help.
🅾(-) : Narrow minded.
🆎(+) : Very difficult to understand.
🆎(-) : Sharp & Intelligent.
What is ur blood group ?
Try....It.

Monday, August 25, 2014

टेलीफ़ोन बिल

हसना पेट पकड के.. सोचना सर पकड़ के
😄😄😄
👪 एक परिवार को फ़ोन का
बिल बहुत अधिक मिला...
तो परिवार के मुखिया ने इस
पर चर्चा के लिए घर के सब
लोगों को बुलाया।
👨 पिता: यह तो हद हो गई।
इतना ज़्यादा बिल!... मैं तो
घर का फ़ोन यूज़ ही नही
ं करता... सारी बातें
ऑफ़िस के फ़ोन से करता हूँ।
👵 माँ: मैं भी ज़्यादातर
ऑफ़िस का ही फ़ोन यूज़
करती हूँ। सहेलियों के साथ
इतनी सारी बातें घर के फ़ोन से करूंगी तो कैसे चलेगा।
👦 बेटा: माँ आपको तो
पता ही है कि मैं सुबह सात
बजे घर से ऑफ़िस के लिए
निकल जाता हूँ। जो बात करनी
होती है ऑफ़िस के फ़ोन से
करता हूँ।
👧 बेटी: मेरी कम्पनी ने मेरी
डेस्क पर भी फ़ोन दिया हुआ
है..मैं तो सारी कॉल्स उसी से
करती हूँ। फिर ये घर के फ़ोन
का बिल इतना आया कैसे?
👶 घर की नौकरानी चुपचाप
खड़ी सुन रही थी। सबकी प्रश्न
भरी निगाहें नौकरानी की ओर
उठीं...
.
.
.
😡 नौकरानी बोली: “तो और
क्या... आप सब भी तो अपने
काम करने की जगह का
फ़ोन इस्तेमाल करते हैं... "
😰"मैंने भी वही किया तो क्या?”😜

Friday, August 22, 2014

जानिए ॐ का महत्त्व

ॐ 🚩ॐ 🚩ॐ 🚩ॐ

 ॐ" के जाप से होता है...
आत्मिक एवं शारीरिक लाभ :-
 ॐ" केवल एक पवित्र ध्वनि ही नहीं, अपितु अनंत शक्ति का प्रतीक है।
 ॐ अर्थात् ओउम् : तीन अक्षरों से बना है, जो सर्व विदित है । अ उ म् ।
 'अ" का अर्थ है आर्विभाव या उत्पन्न होना,
 "उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,
 "म" का मतलब है मौन हो जाना,  अर्थात्"ब्रह्मलीन" हो जाना ।
 ॐ सम्पूर्णब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है
 ॐ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों का प्रदायक है।
 ॐ का जप कर कई साधकों ने अपने उद्देश्य की प्राप्ति कर ली।
 शुद्ध आसन पर पूर्व की ओर मुख कर एक हज़ार बार ॐ रूपी मंत्र का जाप करने से वर्तमान और भविष्य दोनों ही जीवन लक्ष्य की और अग्रसर होते है।

ॐ उच्चारण की विधि : --
 प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकारध्वनि का उच्चारण करें ।
 ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर इसका उच्चारण 11, 21, 51, 108, 1008 कितनी ही बार अपने समयानुसार कर सकते हैं, जाप या जप माला भी गिन सकते है ।
 ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे भी बोल सकते हैं।

 ॐ के उच्चारण से शारीरिक लाभ : -
1. अनेक बार ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।
2. अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ का उच्चारण करें।
3. यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
4. यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।
5. इससे पाचन शक्ति तेज़ होती है।
6. इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।
7. थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।
8. नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है, रात को सोते समय नींद आने तक मन में ॐ का जप करने से निश्चित नींद आएगी।
9. कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।
10. ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है,  इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।
11. ॐ के दूसरे शब्द का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो कि थायरायड ग्रंथी पर प्रभाव डालता है।

 जैन सिख बोद्ध और हिंदुत्व मान्य सभी धर्मों में ॐ का विशेष महत्व है ।
जब कभी भी आप कोई काम न कर रहे हों या यात्रा कर रहे हो या मन परेशान हो :--

चित को शांत करने की कोशिश करते हुए  इस अलोकिक पवित्र अक्षर ॐ का मन में उचारण करते रहे और देखे जीवन में चमत्कार!

इस अक्षर के उचारण से आपके आसपास धनात्मक उर्जा का निर्माण होता है, नकारात्मक उर्जा, बीमारी, दुःख, चिंता नष्ट हो कर आपका जीवन स्वर्ग बन जाता है।

मित्रों इसे जीवन में अवश्य अपनाए।🚩ॐ🚩

माँ बाप

एक छोटी सी लड़की ने अपनी दादीमाँ से पूछा:
"दादीमाँ दादीमाँ, रोज रात को हमारे
घर एक आदमी और एक औरत आते हैं और रोज
सुबह गायब हो जाते हैं....
वो कौन हैं?"
दादीमाँ "हे भगवान, लगता है तूने उन्हें देख
लिया..
.
.
.
वे दोनों तेरे माता पिता हैं..
.
जो...कई साल़ो से...
.
.
Noida में रहते है और गुडगाँव में जॉब करते है.....😜😜😂😂😂👍😇

Wednesday, August 20, 2014

आगंतुक

A tourist visited a famous Indian Yogi. He was astonished to see that the Yogi's home was only a simple room filled with books. The only furniture was a mat and a kerosene lantern.
"Yogi ji, where is your furniture ?" asked the tourist.
"Where is yours ?" replied Yogi.
"Mine ? But I'm only a visitor here."
मैं भी तो .... replied Yogi.

Monday, August 18, 2014

महाभारत से महाज्ञान

महाभारत युद्ध चल रहा था। अर्जुन के सारथी श्रीकृष्ण थे। जैसे ही अर्जुन का बाण छूटता, कर्ण का रथ कोसों दूर चला जाता। जब कर्ण का बाण छूटता तो अर्जुन कारथ सात कदम पीछे चला जाता। श्रीकृष्ण ने अर्जुन के शौर्य की प्रशंसा के स्थानपर कर्ण के लिए हर बार कहा कि कितना वीर है यह कर्ण? जो उस रथ को सात कदम पीछे धकेल देता है। अर्जुन बड़े परेशान हुए। असमंजस की स्थिति में पूछ बैठे कि हे वासुदेव! यह पक्षपात क्यों? मेरे पराक्रम की आप प्रशंसा करते नहीं एवं मात्र सात कदम पीछे धकेल देने वाले कर्ण को बारम्बार वाहवाही देते है।श्रीकृष्ण बोले-अर्जुन तुम जानते नहीं। तुम्हारे रथ में महावीर हनुमान एवं स्वयं मैं वासुदेव कृष्ण विराजमान् हूँ। यदि हम दोनों न होते तो तुम्हारे रथ का अभी अस्तित्व भी नहीं होता। इस रथ को सात कदम भी पीछे हटा देना कर्ण के महाबली होने का परिचायक हैं। अर्जुन को यह सुनकर अपनी क्षुद्रता पर ग्लानि भीहुई।इस तथ्य को अर्जुन और भी अच्छी तरह सब समझ पाए जब युद्ध समाप्त हुआ। प्रत्येकदिन अर्जुन जब युद्ध से लौटते श्रीकृष्ण पहले उतरते, फिर सारथी धर्म के नाते अर्जुन को उतारते। अंतिम दिन वे बोले-अर्जुन! तुम पहले उतरो रथ से व थोड़ी दूरी तक जाओ। भगवान के उतरते ही घोड़ा सहित रथ भस्म हो गया। अर्जुन आश्चर्यचकित थे। भगवान बोले-पार्थ! तुम्हारा रथ तो कभी का भस्म हो चुका था। भीष्म, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य व कर्ण के दिव्यास्त्रों से यह कभी का नष्ट हो चुका था। मेरे-स्रष्टा के संकल्प ने इसे युद्ध समापन तक जीवित रखा था। अपनी विजय पर गर्वोन्नत अर्जुन के लिए गीता श्रवण के बाद इससे बढ़कर और क्या उपदेशहो सकता था कि सब कुछ भगवान का किया हुआ है। वह तो निमित्त मात्र था। काश हमारे अंदर का अर्जुन इसे समझ पायें

Sunday, August 17, 2014

Krishna

राधा ने पूछा मोहन से) :- तुम्हें सब
लोग चोर क्यों कहते हैं ?
(मोहन जी बोले) :- राधे, मैं चोर हूँ,
तभी तो लोग कहते हैं I
(राधा जी ने फिर पूछा) :- तुम क्या -
क्या चुराते हो ?
(कान्हा जी बोले) :- तो फिर सुनो,
जब मैं छोटा था तब मैं सब का मन चुराया करता था I
फिर थोड़ा बड़ा हुआ तो मैं माखन चुराने लगा
जब थोड़ा और बड़ा हुआ तो मैंने
गोपिओं के वस्त्र चुराये I
उस के बाद मैं
भक्तों के प्यार में ऐसा हो गया, की मैंने
एक नए तरह की चोरी शुरू कर
दी I
(राधा जी बोली) :-
कैसी चोरी ?
(कान्हा जी ने बड़ा अच्छा जवाब
दियi) :- आज कल मैं अपने भक्तों के पाप
भी चुरा लेता हूँ I

Friday, August 15, 2014

Indian Soldiers

20 डिग्री में हमें ठंड लगनें लगती है..

16 डिग्री में हम गर्म कपड़े पहनते हैं..

12 डिग्री में हम मफलर आदी लगाते हैं..

8 डिग्री में हम उसके बाद भी कंपनें लगते हैं.

4/5 डिग्री में रजाई से बाहर नहीं निकलते..

1/2 डिग्री में घरों में अलाव जलनें लगते हैं..

0 डिग्री पर पानीं जम जाता है..

-1/2 डिग्री पर हमारी जबान लड़खड़ानें लगती है..

-5/8 डिग्री पर ...

-10/12 डिग्री पर...

-15/18 डिग्री पर सोचिये...

-20 डिग्री पर सियाचीन में भारतीय सैनिक भारत
की सीमाओं की रक्षा करते हैं....

 पूरी मुस्तैदी के साथ
7-12 किलों की बंदूक और करीब 20 किलो की रसद
अपनें कंधों पर उठाये... घुटनें तक बर्फ में -

ताकी हम अपनीं स्वतंत्रता का आनंद उठा सकें...........
............... ...!!!!!!!!

ताकी हम अपनें परिवारों के साथ क्रिकेट मैच का आनंद
उठा सकें........... .!!!!!!!!!

ताकी हमारे बच्चे शांती के साथ स्कूल जा सके....

Monday, August 11, 2014

Daughter

एक दिन की बात है ,
लड़की की माँ खूब परेशान होकर अपने
पति को बोली की

एक तो हमारा एक समय
का खाना पूरा नहीं होता और बेटी
बड़ी होती जा रही है .
गरीबी की हालत में इसकी शादी केसे करेंगे ?
बाप भी विचार में पड़ गया .
दोनों ने दिल पर पत्थर रख कर एक
फेसला किया की कल बेटी को मार कर गाड़
देंगे .
दुसरे दिन का सूरज निकला ,
माँ ने लड़की को खूब लाड प्यार किया ,
अच्छे से नहलाया , बार - बार उसका सर
चूमने लगी .
यह सब देख कर लड़की बोली : माँ मुझे
कही दूर भेज
रहे हो क्या ?
वर्ना आज तक आपने मुझे ऐसे कभी प्यार
नहीं किया ,
माँ केवल चुप रही और रोने लगी ,
तभी उसका बाप हाथ में फावड़ा और चाकू
लेकर आया ,
माँ ने लड़की को सीने से लगाकर बाप के साथ
रवाना कर दिया .
रस्ते में चलते - चलते बाप के पैर में कांटा चुभ
गया ,
बाप एक दम से निचे बेठ गया ,
बेटी से देखा नहीं गया उसने तुरंत
कांटा निकालकर फटी चुनरी का एक
हिस्सा पैर पर बांध दिया .
बाप बेटी दोनों एक जंगल में पहुचे
बाप ने फावड़ा लेकर एक गढ़ा खोदने
लगा बेटी सामने बेठे - बेठे देख रही थी ,
थोड़ी देर बाद गर्मी के कारण बाप
को पसीना आने लगा .
बेटी बाप के पास गयी और पसीना पोछने के
लिए अपनी चुनरी दी .
बाप ने धक्का देकर बोला तू दूर जाकर बेठ।
थोड़ी देर बाद जब बाप गडा खोदते - खोदते
थक गया ,
बेटी दूर से बैठे -बैठे देख रही थी,
जब उसको लगा की पिताजी शायद थक गये
तो पास आकर बोली
पिताजी आप थक गये है .
लाओ फावड़ा में खोद देती हु आप थोडा आराम
कर लो .
मुझसे आप की तकलीफ नहीं देखी जाती .
यह सुनकर बाप ने अपनी बेटी को गले
लगा लिया,
उसकी आँखों में आंसू की नदिया बहने लगी ,
उसका दिल पसीज गया ,
बाप बोला : बेटा मुझे माफ़ कर दे , यह
गढ़ा में तेरे
लिए ही खोद रहा था .
और तू मेरी चिंता करती है , अब
जो होगा सो होगा तू हमेशा मेरे
कलेजा का टुकड़ा बन कर रहेगी
में खूब मेहनत करूँगा और तेरी शादी धूम धाम
से करूँगा -
सारांश : बेटी तो भगवान की अनमोल भेंट
है ,
बेटीय़ा है तो कल है
बेटा - बेटी दोनों समान है ,
उनका एक समान पालन करना हमारा फ़र्ज़
है ....!!

Saturday, August 2, 2014

Coffee on wall :---A story from Murlidhar Gupta

I sat with my friend in a well-known coffee shop in a neighbouring town of Venice (Italy), the city of lights and water. As we enjoyed our coffee, a man entered and sat at an empty table beside us. He called the waiter and placed his order saying, ‘Two cups of coffee, one of them there on the wall.’
We heard this order with rather interest and observed that he was served with one cup of coffee but he paid for two.
As soon as he left, the waiter pasted a piece of paper on the wall saying ‘A Cup of Coffee’.
While we were still there, two other men entered and ordered three cups of coffee, two on the table and one on the wall. They had the two cups of coffee but paid for three and left. This time also, the waiter did the same; he pasted a piece of paper on the wall saying, ‘A Cup of Coffee’.
It was something unique and perplexing for us. We finished our coffee, paid the bill and left.
After a few days, we had a chance to go to this coffee shop again. While we were enjoying our coffee, a man poorly dressed entered. As he seated himself, he looked at the wall and said, 'One cup of coffee from the wall'.
The waiter served coffee to this man with the customary respect and dignity. The man had his coffee and left without paying.
We were amazed to watch all this, as the waiter took off a piece of paper from the wall and threw it in the dust bin. Now it was no surprise for us – the matter was very clear. The great respect for the needy shown by the inhabitants of this town made our eyes well up in tears.
Ponder upon the need of what this man wanted... He enters the coffee shop without having to lower his self-esteem… he has no need to ask for a free cup of coffee… without asking or knowing about the one who is giving this cup of coffee to him. He only looked at the wall, placed an order for himself, enjoyed his coffee and left.
... probably the most beautiful wall you may ever see anywhere....!!!
Worth sharing...... 😊😊Its what makes us human.....😊

Friday, August 1, 2014

Help the Needy

If you have come across any bright students coming from poor financial background who have finished their 10th standard this year and scored more than 80%, please ask them to contact the NGO - Prerana (Supported by Infosys foundation). The NGO is conducting a written test and those who clear the test will be eligible for financial help for their further studies. Please ask the students to contact the people mentioned below to get the form: 580, Shubhakar, 44th cross, 1st A main road, Jayanagar, 7th block, Bangalore. Contact numbers: 1. Ms. Saraswati - 99009 06338 2. Mr. Shivkumar - 99866 30301 3. Ms. Bindu - 99645 34667 Even if you don't know anyone, please pass on this info, someone might be in need of this help.

Wednesday, July 30, 2014

Hindu rituals

१. घर में सुबह सुबह कुछ देर के लिए भजन अवशय लगाएं ।
२. घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, उसे पैर नहीं लगाएं, न ही उसके ऊपर से गुजरे अन्यथा घर में बरकत की कमी हो जाती है। झाड़ू हमेशा छुपा कर रखें |
३. बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना न खाएं, ऐसा करने से बुरे सपने आते हैं।
४. घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
५. पूजा सुबह 6 से 8बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |
६. पहली रोटी गाय के लिए निकालें । इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है |
७.पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |
८. आरती, दीप, पूजा अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतीक साधनों को मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं।
९. मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण पूर्व में रखें अर्थात आग्नेय कोण में |
१०. घर के मुख्य द्वार पर दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं।
११. घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |
१२. सप्ताह में एकबार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |
१३. कोशिश करें की सुबह के प्रकाश की किरने आपके पूजा घर में जरुर पहुचे सबसे पहले |
१४. पूजा घर में अगर कोई प्रतिष्ठित मूर्ती है तो उसकी पूजा हर रोज निश्चित रूप से हो ऐसी व्यवस्था करें ...

Thursday, July 24, 2014

महाभारत से महाज्ञान

श्रीकृष्ण द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे, निकट ही गरुड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से पूछा कि हे प्रभु, आपने त्रेता युग में राम के रूप में अवतार लिया था, सीता आपकी पत्नी थीं। क्या वे मुझसे भी ज्यादा सुंदर थीं? द्वारकाधीश समझ गए कि सत्यभामा को अपने रूप का अभिमान हो गया है। तभी गरुड़ ने कहा कि भगवान क्या दुनिया में मुझसे भी ज्यादा तेज गति से कोई उड़ सकता है। इधर सुदर्शन चक्र से भी रहा नहीं गया और वह भी कह उठे कि भगवान, मैंने बड़े-बड़े युद्धों में आपको विजयश्री दिलवाई है। क्या संसार में मुझसे भी शक्तिशाली कोई है?
भगवान मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। वे जान रहे थे कि उनके इन तीनों भक्तों को अहंकार  हो गया है और इनका अहंकार नष्ट होने का समय आ गया है। ऐसा सोचकर उन्होंने गरुड़ से कहा कि हे गरुड़! तुम हनुमान के पास जाओ और कहना कि भगवान राम, माता सीता के साथ उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। गरुड़ भगवान की आज्ञा लेकर हनुमान को लाने चले गए। इधर श्रीकृष्ण ने सत्यभामा से कहा कि  देवी आप सीता के रूप में तैयार हो जाएं और स्वयं द्वारकाधीश ने राम का रूप धारण कर लिया। मधुसूदन ने सुदर्शन चक्र को आज्ञा देते हुए कहा कि तुम महल के प्रवेश द्वार पर पहरा दो। और ध्यान रहे कि मेरी आज्ञा के बिना महल में कोई प्रवेश न करे।
भगवान की आज्ञा पाकर चक्र महल के प्रवेश द्वार पर तैनात हो गए। गरुड़ ने हनुमान के पास पहुंच कर कहा कि हे वानरश्रेष्ठ! भगवान राम माता सीता के साथ द्वारका में आपसे मिलने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं। आप मेरे साथ चलें। मैं आपको अपनी पीठ पर बैठाकर शीघ्र ही वहां ले जाऊंगा। हनुमान ने विनयपूर्वक गरुड़ से कहा, आप चलिए, मैं आता हूं। गरुड़ ने सोचा, पता नहीं यह बूढ़ा वानर कबnn पहुंचेगा। खैर मैं भगवान के पास चलता हूं। यह सोचकर गरुड़ शीघ्रता से द्वारका की ओर उड़े। पर यह क्या, महल में पहुंचकर गरुड़ देखते हैं कि हनुमान तो उनसे पहले ही महल में प्रभु के सामने बैठे हैं। गरुड़ का सिर लज्जा से झुक गया।     तभी श्रीराम ने हनुमान से कहा कि पवन पुत्र तुम बिना आज्ञा के महल में कैसे प्रवेश कर गए? क्या तुम्हें किसी ने प्रवेश द्वार पर रोका नहीं? हनुमान ने  हाथ जोड़ते हुए सिर झुका कर अपने मुंह से सुदर्शन चक्र को निकाल कर प्रभु के सामने रख दिया। हनुमान ने कहा कि प्रभु आपसे मिलने से मुझे इस चक्र ने रोका था, इसलिए इसे मुंह में रख मैं आपसे मिलने आ गया। मुझे क्षमा करें। भगवान मंद-मंद मुस्कुराने लगे। हनुमान ने हाथ जोड़ते हुए श्रीराम से प्रश्न किया हे प्रभु! आज आपने माता सीता के स्थान पर किस दासी को इतना सम्मान दे दिया कि वह आपके साथ सिंहासन पर विराजमान है।
अब रानी सत्यभामा के अहंकार भंग होने की बारी थी। उन्हें सुंदरता का अहंकार था, जो पलभर में चूर हो गया था। रानी सत्यभामा, सुदर्शन चक्र व गरुड़ तीनों का गर्व चूर-चूर हो गया था। वे भगवान की लीला समझ रहे थे। तीनों की आंख से आंसू बहने लगे और वे भगवान के चरणों में झुक गए। अद्भुत लीला है प्रभु की। अपने भक्तों के अंहकार को अपने भक्त द्वारा ही दूर किया।

Tuesday, July 22, 2014

Dadi Maa

अदालत में एक मुकदमे की सुनवाई चल रही थी दादी माँ की गवाही होनी थी. याददाश्त ठीक है या नहीं, यह परखने के लिए बचाव पक्ष के वकील ने पूछा- “अम्मा,क्या आप मुझे जानती है?” - दादी– “जानती हूँ ? … एक नंबर का चोर और कमीना है तू … बचपन में दूसरों के घर से चीज़ें चुरा कर भाग जाता था … स्कूल जाने के नाम पर रोता था … ये तो बता तू वकील कैसे बन गया रे?” - वकील सकपका गया और बात बदलने के लिऐ सामने खड़े अभियोजन पक्ष के वकील की ओर इशारा करते हुए बोला- “अच्छा अम्मा जी, आप इनको जानती हैंक्या?” - दादी– “इसको? अरे इसके तो मैं पूरे खानदान को जानती हूँ … जब ये छोटा था तब इसका शराबी बाप नशे में धुत होकर मेरे घर के सामने वाली नाली मे पड़ा रहता था और इसकी माँ झाडू से पीटती रहती थी. ये खुद अव्वल नंबर का छिछोरा था और कोई भी इसे अपने घर में घुसने नहीं देता था” जज साहब चिल्लाये– “ऑर्डर … ऑर्डर!” - फिर दोनों वकीलों को अपने पास बुलाकर धमकाते हुए फुसफुसाए– “कमीनो, अगर तुम लोगों ने इससे मेरे बारे में कुछ भी पूछा तो तुम्हें अभी सीधा जेल भिजवा दूंगा |

Friday, July 18, 2014

कुछ अच्छे शेरों का संकलन


ख़्वाहिशों के क़ाफ़िले
बड़े अजीब होते हैं,
ये गुज़रते वहीं से हैं
जहाँ रास्ते नहीं होते ।

ग़ज़ब का हौसला दिया है
खुदा ने हम इन्सानों को,
वाक़िफ़ हम अगले पल से भी नहीं
और वादे ज़िंदगी भर के होते है ।

सीढियाँ उन्हे मुबारक हो,
जिन्हे छत तक जाना है...
मेरी मंझिल तो आसमान है,
रास्ता मुझे खुद बनाना है...

मैखाने मे आऊंगा मगर...
पिऊंगा नही साकी...
ये शराब मेरा गम मिटाने की
औकात नहीं रखती......

खामोश बैठें तो लोग कहते हैं
उदासी अच्छी नहीं,
ज़रा सा हँस लें तो
मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं" !!

हद-ए-शहर से निकली
तो गाँव गाँव चली।
कुछ यादें मेरे संग
पांव पांव चली।
सफ़र जो धूप का किया
तो तजुर्बा हुआ।
वो जिंदगी ही क्या
जो छाँव छाँव चली।

तू होश में थी फिर भी
हमें पहचान न पायी;
एक हम है कि पी कर भी
तेरा नाम लेते रहे!

हजार जवाबों से अच्छी है खामोशी,
ना जाने कितने सवालों की
आबरू रखती है !

सूरज ढला तो
कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी,
यहीं परछाइयां हमने..

काग़ज़ की कश्ती थी
पानी का किनारा था।
खेलने की मस्ती थी
ये दिल अवारा था।
कहाँ आ गए
इस समझदारी के दलदल में।
वो नादान बचपन ही
कितना प्यारा था ...!

जमीन छुपाने के लिए
गगन होता है...
दिल छुपाने के लिए
बदन होता है....
शायद मरने के बाद भी
छुपाये जाते है गम....
इस लिए हर लाश पे
कफ़न होता है

मेरे लफ़्ज़ों से न कर
मेरे क़िरदार का फ़ैसला ll
तेरा वज़ूद मिट जायेगा
मेरी हकीक़त ढूंढ़ते ढूंढ़ते l

कबर की मिट्टी
हाथ में लिए सोच रहा हूं,
लोग मरते हैं तो
गुरूर कहाँ जाता है..

Wednesday, July 16, 2014

पर्स में फोटो

यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन में टी.टी.ई. को एक पुराना फटा सा पर्स मिला। उसने पर्स को खोलकर यह पता लगाने की कोशिश की कि वह किसका है। लेकिन पर्स में ऐसा कुछ नहीं था जिससे कोई सुराग मिल सके। पर्स में कुछ पैसे और भगवान श्रीकृष्ण की फोटो थी। फिर उस टी.टी.ई. ने हवा में पर्स हिलाते हुए पूछा -"यह किसका पर्स है?" एक बूढ़ा यात्री बोला -"यह मेरा पर्स है। इसे कृपया मुझे दे दें।"टी.टी.ई. ने कहा -"तुम्हें यह साबित करना होगा कि यह पर्स तुम्हारा ही है। केवल तभी मैं यह पर्स तुम्हें लौटा सकता हूं।"उस बूढ़े व्यक्ति ने दंतविहीन मुस्कान के साथ उत्तर दिया -"इसमें भगवान श्रीकृष्ण की फोटो है।"टी.टी.ई. ने कहा -"यह कोई ठोस सबूत नहीं है। किसी भी व्यक्ति के पर्स में भगवान श्रीकृष्ण की फोटो हो सकती है। इसमें क्या खास बात है? पर्स में तुम्हारी फोटो क्यों नहीं है?" बूढ़ा व्यक्ति ठंडी गहरी सांस भरते हुए बोला -"मैं तुम्हें बताता हूं कि मेरा फोटो इस पर्स में क्यों नहीं है। जब मैं स्कूल में पढ़ रहा था, तब ये पर्स मेरे पिता ने मुझे दिया था। उस समय मुझे जेबखर्च के रूप में कुछ पैसे मिलते थे। मैंने पर्स में अपने माता- पिता की फोटो रखी हुयी थी। जब मैं किशोर अवस्था में पहुंचा, मैं अपनी कद-काठी पर मोहित था। मैंने पर्स में से माता-पिता की फोटो हटाकर अपनी फोटो लगा ली। मैं अपने सुंदर चेहरे और काले घने बालों को देखकर खुश हुआ करता था। कुछ साल बाद मेरी शादी हो गयी। मेरी पत्नी बहुत सुंदर थी और मैं उससे बहुत प्रेम करता था। मैंने पर्स में से अपनी फोटो हटाकर उसकी लगा ली। मैं घंटों उसके सुंदर चेहरे को निहारा करता। जब मेरी पहली संतान का जन्म हुआ, तब मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ। मैं अपने बच्चे के साथ खेलने के लिए काम पर कम समय खर्च करने लगा। मैं देर से काम पर जाता ओर जल्दी लौट आता। कहने की बात नहीं, अब मेरे पर्स में मेरे बच्चे की फोटो आ गयी थी।" बूढ़े व्यक्ति ने डबडबाती आँखों के साथ बोलना जारी रखा -"कई वर्ष पहले मेरे माता-पिता का स्वर्गवास हो गया। पिछले वर्ष मेरी पत्नी भी मेरा साथ छोड़ गयी। मेरा इकलौता पुत्र अपने परिवार में व्यस्त है। उसके पास मेरी देखभाल का क्त नहीं है। जिसे मैंने अपने जिगर के टुकड़े की तरह पाला था, वह अब मुझसे बहुत दूर हो चुका है। अब मैंने भगवान कृष्ण की फोटो पर्स में लगा ली है। अब जाकर मुझे एहसास हुआ है कि श्रीकृष्ण ही मेरे शाश्वत साथी हैं। वे हमेशा मेरे साथ रहेंगे। काश मुझे पहले ही यह एहसास हो गया होता। जैसा प्रेम मैंने अपने परिवार से किया, वैसा प्रेम यदि मैंने ईश्वर के साथ किया होता तो आज मैं इतना अकेला नहीं होता।" टी.टी.ई. ने उस बूढ़े व्यक्ति को पर्स लौटा दिया। अगले स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही वह टी.टी.ई. प्लेटफार्म पर बने बुकस्टाल पर पहुंचा और विक्रेता से बोला -"क्या तुम्हारे पास भगवान की कोई फोटो है? मुझे अपने पर्स में रखने के लिए चाहिए।"

Sunday, July 13, 2014

Life


एक दंपत्ति  की शादी को साठ वर्ष हो चुके थे। उनकी आपसी समझ इतनी अच्छी थी कि इन साठ वर्षों में उनमें कभी झगड़ा तक नहीं हुआ। वे एक दूजे से कभी कुछ भी नहीं छिपाते थे। हां, पत्नी  के पास उसके मायके से लाया हुआ एक डिब्बा 📦 था जो उसने अपने पति  के सामने कभी नहीं खोला था। उस डिब्बे में क्या है वह नहीं जानता था। कभी उसने जानने की कोशिश भी की तो पत्नी ने यह कह कर टाल दिया कि सही समय आने पर बता दूंगी। 😦 आखिर एक दिन बुढि़या बहुत बीमार हो गई और उसके बचने की आशा न रही। उसके पति को तभी ख्याल आया कि उस डिब्बे का रहस्य जाना जाये। बुढि़या बताने को राजी हो गई। पति ने जब उस डिब्बे को खोला तो उसमें हाथ से बुने हुये दो रूमाल  और 50,000 रूपय 💸निकले। उसने पत्‍‌नी से पूछा, "यह सब क्या है?"  पत्नी ने बताया, "जब उसकी शादी हुई थी तो उसकी दादी ने उससे कहा था कि ससुराल में कभी किसी से झगड़ना नहीं। यदि कभी किसी पर क्रोध आये तो अपने हाथ से एक रूमाल बुनना और इस डिब्बे में रखना।" बूढ़े की आंखों में यह सोचकर खुशी के मारे आंसू आ गये कि उसकी पत्नी को साठ वर्षों के लम्बे वैवाहिक जीवन के दौरान सिर्फ दो बार ही क्रोध आया था। 😤 उसे अपनी पत्‍‌नी पर सचमुच गर्व हुआ। खुद को संभाल कर उसने रूपयों के बारे में पूछा, "इतनी बड़ी रकम तो मैंने तुम्हे कभी दी ही नहीं थी, फिर ये कहां से आये?" "रूपये! वे तो मैंने रूमाल बेच बेच कर इकठ्ठे किये हैं।" पत्नी ने मासूमियत से जवाब दिया।

Wednesday, July 9, 2014

How to Do Business

You all know KBC is Good Business. But have you ever pondered how  well?????

Any guesses?????

Let's see...

Airtel / Idea is charging Rs.6 per SMS sent for this contest. Assuming there are only 100 entries from say 10 cities of some 20 districts and 20 states...

6 (Rs. per SMS) x 100 (entries) x 10 (cities) x 20 (districts) x 20 (states) i.e. = 6 x 100 x 10 x 20 x 20 = Rs.24,00,000.

Rs.24 lakh in just 20 minutes (from people trying for the Rs.2 lakh cash prize). Imagine the scenario if 1000 entries try out from 100 cities?

The figure simply grows by 2 more zeroes and yields a whopping Rs.24 crore!!!!!

And it does not stop there. In practice, it could be another multiple of 100 or a multiple of 1000 on an average. In that case, it is 24 x 100 crore earnings in just 20 minutes on every episode!!!

And the prize money: A mere Rs.2 crore!!!!! (and from whose pocket?????)

Smart Business By Siddharth Basu! And the best part of the above calculation is just the SMS earning!!!!! What about the Ad money?????

A rough annual profit calculation goes like this:

(2400 x 5 x 4) (episode/month) x 12 = Rs.5,76,000 crore.

Let even 50% get dissolved in taxes and other payments; still, you will be left with (which includes

even the meagre Rs.480 crore of prize money, i.e., if every episode bags Rs.2 crore prize) –Rs.2,88,000 crore profit!!!!! (Only from SMS).

Therefore, a Very Simple Question: "KAUN BANEGA CROREPATI" and your options are...

A) SONY TV

B) AIRTEL

C) AMITABH BACHHAN

D) SIDDHARTH BASU

Computerji, iska jawab bataiye....j

Answer: All FOUR..!!!!

Friday, July 4, 2014

Parenting

Guys Read COMPLETE message if you don't want to miss smthng gr8......                     A man was an avid gardner... Saw a small butterfly laying a few eggs in one of the pots in his garden since that day he looked at the egg with ever growing curiosity and eagerness. The egg started to move and shake a little. He was exited to see a new life coming up right in front of his eyes. He spent hours watching the egg now. The egg started to expand and develop cracks.. A tiny head and antennae started to come out ever so slowly. The man's excitement knew no bounds he got his magnifying glasses and sat to watch the life and body of a pupa coming out. He saw the struggle of the tender pupa and couldn't resisit his urge to HELP. He went and got a tender forcep the help the egg break, a nip here a nip there to help the struggling life. And LO! The pupa was out the man was ecstatic! He waited now each day for the pupa to grow and fly abt like a beautiful butterfly, but Alas that never happened the larvae pupa had a oversized head and kept crawling along in the pot for the full 4 weeks and died! Depressed the man went to his botanist friend and asked the reason. His friend told him the struggle to break out of the egg helps the larvae to send blood to its wings and the head push helps the head to remain small so that the tender wings can support it thru its 4 week life cycle, in his eagerness to help the man destroyed a beautiful life! Struggles help all of us, that's why a wee bit of effort goes a long way to develop our strength to face life's difficulties!

As parents, we sometimes go too far trying to help and protect
our kids from life's harsh realities and disappointments. We
don't want our kids to struggle like we did.
But Harvard psychiatrist Dr. Dan Kindlon says that
overprotected children are more likely to struggle in
relationships and with challenges.
We're sending our kids the message that they're not capable
of helping themselves.
To quote clinical psychologist Dr. Wendy Mogel:
"It  is  Our  Job  to  prepare Our  Children  for  the  Road...,  & 
Not  prepare  the  road  for  Our  Children..."
All parents. Do read it

India se भारत

मित्रों दो दिन पहले समाचार चैनेलो ने एक छोटी सी खबर नीचे की पट्टी में चलायी थी की मोदी ने आईएनएस मैसूर को ईराक में फसे लोगो के लिए रवाना किया।।

चूकी दलाल मिडिया ने इस पर कोई डिबेट नहीं की अतः हमने इसे छोटी सी खबर मान लिया।
मगर क्या आप ने सोचा है सिर्फ चंद भारतियों के लिए नेवी का वारशिप भेजने की क्या आवश्यकता थी??
ये सिर्फ इराक में फसे भारतियों को निकालने के लिए नहीं है।।

ख़ुफ़िया स्तर पर इसके क्या मायने हैं ये तो खबर बाहर नहीं आ पायेगी मगर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये एक बड़ा सामरिक सन्देश है अमरीका समेत विश्व के अन्य देशो को भी।।
इससे पहले जब कोई अंतर्राष्ट्रीय संकट आता था तो सिर्फ अमरीका, रूस या एक दो अन्य देश अपने वारशिप भेजते थे।अमरीका इस मुद्दे को लटका रहा था क्युकी ISIS के आतंकियों को ट्रेनिंग अमरीका ने ही दिया है।।
मगर अमरीका से अलग जाते हुए अबकी बार मोदी ने तुरंत निर्णय लेते हुए इस वारशिप को रवाना कर दिया।। दूसरी और रूस के विमान ISIS की कमर तोड़ रहे हैं।
अन्तरराष्ट्री बिरादरी में ये सन्देश गया की भारतीयों की जान अब कांग्रेस के जमाने की तरह सस्ती नहीं ।भारत अपने नागरिको की रक्षा हेतु कभी भी कहीं भी आपरेशन कर सकता है एवं भारत में भी मजबूत निर्णय लेने वाला एक नेतृत्त्व है। आतंकियों में भी ये सन्देश गया की एक तरफ रुसी विमान है तो दूसरी और जरुरत पड़ने पर भारत भी आपरेशन शुरू कर सकता है।।
इस प्रकार भारत सरकार और नरेन्द्र मोदी ने अपने एक निर्णय से सेनाओ का मनोबल बढाते हुए अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी को भी भारत में एक रीढ़ वाले राजनितिक नेतृत्त्व का संकेत दे दिया है जो जरुरत पड़ने पर अमरीका जैसी महाशक्ति से इतर भी निर्णय ले सकता है।।

ऐसे जानदार निर्णय का तहे दिल से स्वागत होना चाहिए और देश के लोगो को जानकारी होनी चाहिए....
शाबाश देश वासियों.... आपके एक एक वोट से देश गोरान्वित हुआ है... नमो का शाशन आया है ...
सबको बताये जरूर...
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Father to Son

Beautiful letter written by a father to his son ��

Following is a letter to his son from a renowned Hong Kong TV broadcaster cum Child Psychologist.
The words are actually applicable to all of us, young or old, children or parents.!
This applies to daughters too. All parents can use this in their teachings to their children.

Dear son ,

I am writing this to you because of 3 reasons

1. Life, fortune and mishaps are unpredictable, nobody knows how long he lives. Some words are better said early.

2. I am your father, and if I don't tell you these, no one else will.

3. What is written is my own personal bitter experiences that perhaps could save you a lot of unnecessary heartaches. Remember the following as you go through life

1. Do not bear grudge towards those who are not good to you. No one has the responsibility of treating you well, except your mother and I.
To those who are good to you, you have to treasure it and be thankful, and ALSO you have to be cautious, because, everyone has a motive for every move. When a person is good to you, it does not mean he really likes you. You have to be careful, don't hastily regard him as a real friend.

2. No one is indispensable, nothing is in the world that you must possess.
Once you understand this idea, it would be easier for you to go through life when people around you don't want you anymore, or when you lose what/who you love most.

3.Life is short.
When you waste your life today, tomorrow you would find that life is leaving you. The earlier you treasure your life, the better you enjoy life.

4.Love is but a transient feeling, and this feeling would fade with time and with one's mood. If your so called loved one leaves you, be patient, time will wash away your aches and sadness.
Don't over exaggerate the beauty and sweetness of love, and don't over exaggerate the sadness of falling out of love.

5.A lot of successful people did not receive a good education, that does not mean that you can be successful by not studying hard! Whatever knowledge you gain is your weapon in life.
One can go from rags to riches, but one has to start from some rags!

6.I do not expect you to financially support me when I am old, neither  would I financially support your whole life. My responsibility as a supporter ends when you are grown up. After that, you decide whether  you want to travel in a public transport or in your limousine, whether rich or poor.

7.You honour your words, but don't expect others to be so. You can be good to people, but don't expect people to be good to you. If you don't understand this, you would end up with unnecessary troubles.

8. I have bought lotteries for umpteen years, but I could never strike any prize. That shows if you want to be rich, you have to work hard! There is no free lunch!

9. No matter how much time I have with you, let's treasure the time we have together. We do not know if we would meet again in our next life.

Your Dad

Thursday, July 3, 2014

Your Deeds

एक बर्फ बनाने की विशाल फैक्ट्री थी!
हजारों टन बर्फ हमेशा बनता था !
सैकड़ों मजदूर व अन्य कर्मचारी एवं
अधिकारी वहां कार्य करते थे ! उन्ही में से
था एक कर्मचारी अखिलेश ! अखिलेश उस
फैक्ट्री में पिछले बीस वर्षों से कार्य कर रहा था ! उसके मृदु व्यहार, ईमानदारी,एवं काम
के प्रति समर्पित भावना के कारण
वो उन्नति करते करते उच्च सुपरवाइजर के
पद पर पहुँच गया था ! उसको फैक्ट्री के हर
काम की जानकारी थी ! जब भी कोई
मुश्किल घडी होती सब, यहाँ तक की फैक्ट्री के मालिक भी उसी को याद
करते थे और वह उस मुश्किल
पलों को चुटकियों में हल कर देता था !
इसी लिए फैक्ट्री में
सभी लोग ,कर्मचारी ,व् अन्य
अधिकारी उसका बहुत मान करते थे ! इन सब के अलावा उसकी एक
छोटी सी अच्छी आदत और थी वह जब
भी फैक्ट्री में प्रवेश करता फैक्ट्री के गेट पर
तैनात सुरक्षा गार्ड से ले कर
सभी अधिनिस्त कर्मचारियों से
मुस्कुरा कर बात करता उनकी कुशलक्षेम पूछता और फिर अपने कक्ष में जा कर अपने
काम में लग जाता !और यही सब वह जब
फैक्ट्री का समय समाप्त होने पर घर पर जाते
समय करता था !
एक दिन फैक्ट्री के मालिक ने अखिलेश
को बुला कर कहा " अखिलेश एक मल्टी नेशनल कम्पनी जो की आइसक्रीम
बनती है ने हमें एक बहुत बड़ा आर्डर दिया है
और हमें इस आर्डर को हर हाल में नीयत
तिथि तक पूरा करना है
ताकि कंपनी की साख और लाभ दोनों में
बढ़ोतरी हो तथा और नई मल्टी नेशनल कंपनियां हमारी कंपनी से जुड़ सके ! इस
काम को पूरा करने के लिए तुम कुछ भी कर
सकते हो चाहे कर्मचारियों को ओवरटाइम
दो बोनस दो या और नई भर्ती करो पर
आर्डर समय पर पूरा कर
पार्टी को भिजवाओ "अखिलेश ने कहा ठीक है में इस आर्डर को समय पर
पूरा कर दूंगा ! मालिक ने मुस्कुरा कर
अखिलेश से कहा "मुझे तुमसे इसी उत्तर
की आशा थी" अखिलेश ने
सभी मजदूरों को एकत्रित किया और
आर्डर मिलाने की बात कही और कहा "मित्रो हमें हर हाल में ये आर्डर
पूरा करना है इसके लिए
सभी कर्मचारियों को ओवरटाइम, बोनस
सभी कुछ मिलेगा साथ ही ये
कंपनी की साख का भी सवाल है "!एक
तो कर्मचारियों का अखिलेश के प्रति सम्मान की भावना तथा दूसरी और
ओवरटाइम व बोनस मिलाने
की ख़ुशी ,सभी कर्मचरियों ने हां कर दी !
फैक्ट्री में दिन रात युद्धस्तर पर काम चालू
हो गया !अखिलेश स्वयं
भी सभी कर्मचारियों का होसला बढ़ाता हुआ उनके कंधे से कन्धा मिला कर काम कर
रहा था ! उन सभी की मेहनत रंग लाइ और
समस्त कार्य नीयत तिथि से पूर्व
ही समाप्त हो गया ! साडी की साडी बर्फ
शीतलीकरण (कोल्ड स्टोरेज) कक्ष जो एक
विशाल अत्याधुनिक तकनीक से बना हुआ तथा कम्प्यूटराइज्ड था , में पेक कर के जमा कर
दी गई ! सभी कर्मचारी काम से थक गए थे
इस लिए उस रोज काम बंद कर
सभी कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई
सभी कर्मचारी अपने अपने घर की तरफ
प्रस्तान करने लगे ! अखिलेश ने सभी कार्य की जांच की और वह भी घर जाने
की तैयारी करने लगा जाते जाते उसने
सोचा चलो एक बार शीतलीकरण कक्ष
की भी जाँच कर ली जाये
की सारी की सारी बर्फ पैक्ड और सही है
की नहीं ,यह सोच वो शीतलीकरण कक्ष को खोल कर उसमे प्रवेश कर गया ! उसने घूम
फिर कर सब चेक किया और सभी कुछ
सही पा कर वह जाने को वापस मुडा ! पर
किसी तकनीकी खराबी के कारण
शीतलीकरण कक्ष का दरवाजा स्वतः ही बंद
हो गया ! दरवाजा ऑटोमेटिक था तथा बाहर से ही खुलता था इस लिए उसने दरवाजे
को जोर जोर से थपथपाया पर
सभी कर्मचारी जा चुके थे उसकी थपथपाहट
का कोई असर नहीं हुआ उसने
दरवाजा खोलने की बहुत कोशिश की पर
सब कुछ बेकार रहा ! दरवाजा केवल बाहर से ही खुल सकता था !अखिलेश
घबरा गया उसने और जोर से दरवाजे
को पीटा जोर से चिल्लाया पर कोई
प्रतिक्रिया नहीं हुई ! अखिलेश सोचने
लगा की कुछ ही घंटों में शीतलीकरण कक्ष
का तापक्रम शून्य डिग्री से भी कम हो जायेगा ऐसी दशा में मेरा खून
का जमना निश्चित है ! उसे अपनी मोत
नजदीक दिखाई देने लगी !उसने एक बार
पुनः दरवाजा खोलने की कोशिश की पर सब
कुछ व्यर्थ रहा !कक्ष का ताप धीरे धीरे कम
होता जा रहा था ! अखिलेश का बदन अकड़ने लगा ! वो जोर जोर से अपने आप को गर्म
रखने के लिए भाग दौड़ करने लगा ! पर कब
तक आखिर थक कर एक स्थान पर बैठ गया !
ताप शुन्य डिग्री की तरफ बढ़ रहा था !
अखिलेश की चेतना शुन्य होने लगी ! उसने
अपने आप को जाग्रत रखने की बहुत कोशिश की पर सब निष्फल रहा ! ताप के
और कम होने पर उसका खून जमने के कगार
पर आ गया ! और अखिलेश भावना शुन्य
होने लगा ! मोत निश्चित जान वह अचेत
हो कर वही ज़मीन पर गिर पड़ा ! कुछ
ही समय पश्चात दरवाजा धीरे से खुला ! एक साया अंदर आया उसने अचेत अखिलेश
को उठाया और शीतलीकरण कक्ष से बाहर
ला कर लिटाया उसे गर्म कम्बल से ढंका और
पास ही पड़ा फैक्ट्री के कबाड़ को एकत्रित
कर उसमे आग जलाई ताकि अखिलेश
को गर्मी मिल सके और उसका रक्तसंचार सुचारू हो सके ! गर्मी पाकर अखिलेश के
शरीर में कुछ शक्ति आई उसका रक्तसंचार
सही होने लगा ! आधे घंटे के बाद अखिलेश
के शरीर में हरकत होने
लगी उसका रक्तसंचार सही हुआ और उसने
अपनी आँखे खोली !उसने सामने गेट पर पहरा देने वाले सुरक्षा गार्ड शेखर को पाया !
उसने शेखर से पुछा मुझे बाहर किसने
निकला और तुम तो में गेट पर रहते
हो तुम्हारा तो फैक्ट्री के अंदर कोई कार्य
भी नहीं फिर तुम यहाँ कैसे आये ?शेखर ने
कहा "सर में एक मामूली सा सुरक्षा गार्ड हूँ ! फैक्ट्री में प्रवेश करने वाले प्रत्येक पर
निगाहे रखना तथा सभी कर्नचारियों व
अधिकारियो को सेल्यूट करना ये
ही मेरी ड्यूटी है ! मेरे अभिवादन पर
अधिकतर कोई ध्यान
नहीं देता कभी कभी कोई मुस्कुरा कर अपनो गर्दन हिला देता है !पर सर एक आप
ही ऐसे इंसान है जो प्रतिदिन मेरे
अभिवादन पर मुस्कुरा कर अभिवादन
का उत्तर देते थे साथ ही मेरी कुशलक्षेम
भी पूछते थे ! आज सुबह भी मेने
आपको अभिवादन किया आपने मुस्कुरा कर मेरे अभिवादन का उत्तर
दिया और मेरे हालचाल पूछे! मुझे मालूम
था की इन दिनों फैक्ट्री में बहुत काम चल
रहा है जो आज समाप्त हो जायेगा ! और काम
समाप्त भी हो गया सभी लोग अपने अपने
घर जाने लगे ! जब सब लोग दरवाजे से निकल गए तो मुझे आप की याद आई
की रोज आप मेरे से बात कर के घर जाते थे पर
आज दिखी नहीं दिए ! मेने सोचा शायद
अंदर काम में लगे होंगे ! पर सब के जाने के बाद
भी बहुत देर तक आप बहार आते
दिखी नहीं दिए तो मेरे दिल में कुछ शंकाएं उत्पन्न होने लगी !
क्यों की फैक्ट्री के जाने आने
का यही एकमात्र रास्ता है इसी लिए में
आपको ढूंढते हुए फैक्ट्री के अंदर आ गया !
मेने आपका कक्ष देखा मीटिंग हाल
देखा बॉस का कक्ष देखा पर आप कही दिखाई नहीं दिए !मेरा मन शंका से
भर गया की आप कहाँ गए ?कोई निकलने
का दूसर रास्ता भी नहीं है !में वापस जाने
लगा तो सोचा चलो शीतलीकरण कक्ष
भी देख लू ! पर वो बंद था !में वापस जाने
को मुडा पर मेरे दिल ने कहा की एक बार इस शीतलीकरण कक्ष को खोल कर भी देखूं ! में
आपात्कालीन चाबियाँ जो मेरे पास
रहती है ,से कक्ष
खोला तो आपको यहाँ बेहोश पाया !
अखिलेश एक टक शेखर के चहरे की और देखे
जा रहा था उसने सपने में भी नहीं सोचा था की उसकी एक
छोटी सी अच्छी आदत का प्रतिफल उसे
इतना बड़ा मिलेगा !उसकी आँखों में आंसू
भर आये उसने उठ कर शेखर को गले
लगा लिया ! अगर दोस्तों को इस कहानी में कुछ सार
नजर आये तो कोशिश करे की इस ग्रुप के
सभी सदस्य इस कहानी को पढ़ सके और
एक अच्छी आदत चाहे वह
छोटी सी ही क्यों ना हो अपने जीवन में
उत्तर सकें